November 13, 2018

स्तन कैंसर के लक्षण और उससे बचाव के उपाय,Symptoms of Breast cancer

स्तन कैंसर के लक्षण for Gharelu paramarsh

स्तन कैंसर के लक्षण और उससे बचाव के उपाय,Symptoms and prevention of breast cancer

             स्तन कैंसर एक बहुत ही खतरनाक बीमारी मानी जाती है | स्तन कैंसर तेजी से बढ़ती हुई गंभीर समस्या है | इस पोस्ट के माध्यम से आपको स्तन कैंसर के लक्षण और उससे बचाव के उपाय बताएंगे | पश्चिमी देशों की तुलना में भारतीय महिलाएं कम उम्र में स्तन कैंसर का शिकार बन रही हैं | ऐसा नहीं है कि इससे बचने के कोई उपाय नहीं है | अगर किसी को ब्रेस्ट कैंसर होता है और इसे उसके शुरुआती स्टेज में ही पता चल जाता है तो फिर इससे बचाव और इसका इलाज आसान हो जाता है | भारतीय महिलाओं में स्तन कैंसर होने की औसत उम्र लगभग 47 साल है जो कि पश्चिमी देशों के मुकाबले 10 साल कम है | सही जानकारी, थोड़ी सी सावधानी और समय पर इसके लक्षणों की पहचान और इलाज से इस समस्या को हराया जा सकता है | तो आइए जानते हैं वह कौन से लक्षण है जो स्तन कैंसर के होने का कारण बन सकते हैं |

स्तन कैंसर होने के लक्षण-

      स्तन में यदि दर्द या गांठ जरा सी भी महसूस हो तो आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए | कभी-कभी ऐसा भी होता है कि गांठ में दर्द ना हो लेकिन छूने पर एहसास होता है कि वहां गांठ है | स्तनों में पड़ने वाली गांठ को मैमोग्राफी के जरिए पता किया जा सकता है इससे स्तन कैंसर का भी पता लगाया जा सकता है | और मेमोग्राफी कराने में ज्यादा पैसे भी खर्च नहीं करना पड़ते हैं | 30 से 35 साल की महिलाओं को एक बार मेमोग्राफी जरूर कराना चाहिए | ब्रेस्ट में यदि गांठ का एहसास होता है और समय पर ध्यान नहीं दिया जाता है तो समय के साथ इसका आकार बढ़ने लगता है | ब्रेस्ट का सामान्य तरीके से बढ़ना, बगल में सूजन आना, निप्पल का लाल पड़ना और उससे खून आना आदि स्तन कैंसर के लक्षण हैं | यदि आपके स्तन में कोई  उभार या असामान्य मोटाई लगे तो तुरंत अपने डॉक्टर से परामर्श करें |

      वैसे तो कैंसर से बचने की साधारण तौर पर कोई गारंटी नहीं है लेकिन फिर भी आप स्तन कैंसर से बचने के लिए कुछ कदम उठा सकती हैं | तो आइए जानते हैं उन उपायों के बारे में जिनको करके स्तन कैंसर की संभावनाओं को कम किया जा सकता है |

  • शरीर के वजन को योगासन व व्यायाम के द्वारा संतुलित रखें |
  • धूम्रपान का सेवन ना करें |
  • शराब का सेवन सीमित करें | यदि आप अल्कोहल का सेवन  करती हैं तो फोलेट सप्लीमेंट लेने से आप खुद में स्तन कैंसर के जोखिम को कम कर सकती हैं |
  • पोषक आहार का सेवन करें |
  • जीवनशैली को व्यवस्थित करें |

      इन सभी उपायों को करने के बाद भी यदि आपको थोड़ी सी भी शंका होती है तो अपने डॉक्टर से जरूर संपर्क करें | ऐसी कई तकनीके हैं जिससे स्तन कैंसर का पता आसानी से लगाया जा सकता है |

स्तन कैंसर को होने से रोकने के लिए ध्यान रखने योग्य बातें:-

    30 साल की उम्र होने के बाद प्रत्येक महिला को महावारी के बाद अपने स्तनों और उसके इर्द-गिर्द होने वाले बदलाव की जांच स्वयं करनी चाहिए |  और यदि महिलाओं को अपने स्तनों में किसी भी तरह का बदलाव महसूस होता है तो डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए |

     इसी प्रकार 40 वर्ष की उम्र से ही प्रत्येक महिला को साल में एक बार ब्रेस्ट स्पेशलिस्ट की सलाह व परामर्श लेते हुए  स्तनों का एक्सरे करवाना चाहिए | स्तनों के एक्सरे की प्रक्रिया को मैमोग्राम कहते हैं | मैमोग्राम के जरिए चावल के दाने जितने सूक्ष्म कैंसर ग्रस्त हिस्से का भी पता लगाया जा सकता है | प्रारंभिक स्थिति में कैंसर के इलाज में पूरे स्तन को निकालने की जरूरत नहीं पड़ती है, इस अवस्था में पता लगने के बाद स्तन कैंसर के रोगियों का 90 से 95% तक सफल इलाज हो सकता है जब स्तन कैंसर का बाद की अवस्था में पता चलता है तो इस के इलाज के लिए पूरे स्तन को ऑपरेशन के जरिए निकालना पड़ता है |

 

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