December 13, 2018

बहू और सास दोनों ही समझे इन बातों को तभी होगा रिश्ता मजबूत

बहू और सास दोनों ही समझे इन बातों को तभी होगा रिश्ता मजबूतfor gharelu paramarsh

बहू और सास दोनों ही समझे इन बातों को तभी होगा रिश्ता मजबूत

सास बहू का रिश्ता दुनिया में सबसे अनमोल  और अलग होता है | प्यार और खट्टी मीठी तकरार से भरे इस रिश्ते में तालमेल बिठाना सबसे मुश्किल काम होता है | सास और बहू के  रिश्ते को लेकर लोगों ने काफी गलत धारणाएं बनाई हुई है | कई लोगों का मानना है कि सास बहू के रिश्ते में काफी तकरार होती है लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है सास बहू का रिश्ता प्यार और खट्टी मीठी तकरार वाला होता है | अक्सर पहली बार जब लड़की दूसरे घर में शादी होकर जाती है तो उसके मन में सबसे पहला ख्याल अपनी होने वाली सास के बारे में ही आता है और वह सोचती है कि क्या मेरी सास अच्छी होगी या नहीं, हमारा प्यार भरा रिश्ता होगा या नहीं | यदि आप भी ऐसा ही सोच रही है तो आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताएंगे जिसे अपनाकर आप अपने सास बहू के रिश्ते को और मजबूत और प्यारा बना सकती है | इस पोस्ट में दी गई टिप्स केवल बहू के लिए ही नहीं है बल्कि सास को भी इसे फॉलो करना चाहिए | अगर सास बहू दोनों तरफ से रिश्ते को निभाने की और उसे मजबूत बनाने की चाहत होगी तभी यह टिप्स सफल हो पाएंगे |

एक दूसरे के साथ ज्यादा समय बिताएं-

अधिकतर देखा गया है कि नई-नई शादी होने के बाद दुल्हन अपने मायके वालों और पति को ही ज्यादा समय देती है यदि सास के साथ अपना रिश्ता मजबूत बनाए रखना चाहती हैं तो अपनी सास को भी पूरा समय दे वहीं सास भी बहू को साथ में बैठा कर उसे अपनेपन का एहसास कराएं और उससे कुछ बातें शेयर करें | इससे ना केवल आपको एक दूसरे को समझने का मौका मिलेगा बल्कि आप दोनों के बीच प्यार भी बढ़ेगा |

अपने विचार एक दूसरे पर ना थोपे-

हर किसी की विचारधारा और सोच अलग होती है यह बात न केवल सास को बल्कि बहू को भी समझनी चाहिए | क्योंकि ऐसे में यदि आप अपने विचार दूसरे पर थोपने लगते हैं तो उसे गुस्सा आना वाजिब होता है | यदि आप अपने सास-बहू के रिश्ते में मिठास रखना चाहती हैं और उसे मजबूत बनाना चाहती हैं तो एक दूसरे के विचारों का सम्मान करें इससे आप दोनों के बीच प्यार बढ़ेगा और आपका रिश्ता मजबूत होगा

एक दूसरे की भावनाओं का सम्मान करें-

अपने माता पिता, भाई बहन और अपने परिवार वालों को छोड़कर ससुराल में रहना कोई आसान काम नहीं है | सास को बहू की इन भावनाओं को समझना चाहिए क्योंकि वह भी कई साल पहले अपने घर को इसी तरह छोड़ कर आई थी क्योंकि सास भी किसी समय बहू थी और शादी के बाद उसको भी इसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा था ऐसे में उसे अपनी बहू को उसकी दोस्त बनकर सपोर्ट करना चाहिए |

पति पत्नी की तकरार में हस्तक्षेप ना करें-

पति पत्नी के बीच छोटी मोटी बातों पर नोक-झोंक तो होती ही रहती है लेकिन इस स्थिति में सास को चाहिए कि वह उनके झगड़े में बीच में ना बोले और हो सके तो थोड़ा बहुत सपोर्ट अपनी बहू का ही करें इससे बहू का सास के प्रति आदर और सम्मान पड़ेगा |

बेटे के व्यवहार  के कारण बहू पर ना करे गुस्सा-

अक्सर सास को यह महसूस होता है कि शादी के बाद उसका बेटा उसकी मां के बारे में ज्यादा नहीं सोचता है जिसके कारण वह उसके रिश्ते में हस्तक्षेप करने लग जाती है सास को यह बात समझनी चाहिए कि मां की जगह इस दुनिया में कोई और नहीं ले सकता है | शादी के बाद भी बेटा अपनी मां से पहले की तरह ही प्यार करता है  किंतु शादी के बाद वह अपनी पत्नी को ज्यादा समय देता है इसका मतलब यह नहीं होता है कि वह अपनी मां से प्यार नहीं करता है या उसे अपनी मां की परवाह नहीं है, यह बात सास को अच्छी तरह से समझना चाहिए |

पति तारीफ करें तो नाराज ना हो-

अधिकतर देखा गया है कि जब पति अपनी पत्नी के खाने या उसकी किसी और चीज की तारीफ करता है तो सास को गुस्सा आ जाता है और वह समझती है कि उसका बेटा उसे भूल गया है जबकि ऐसा नहीं होता है | और इसी तरह जब पति अपनी मां की किसी चीज की या खाना बनाने की या उसकी किसी आदत की तारीफ करता है तो पत्नी को लगता है कि उसका पति उससे प्रेम नहीं करता है और वह केवल अपनी मां से ही प्यार करता है | इस तरह की बातों को नजरअंदाज करना चाहिए क्योंकि यही वह बातें होती है जो सास बहू के रिश्ते में दूरियां बढ़ा देती है |

बड़ों की तरह व्यवहार करें-

शादी होने के बाद भी  सास अपने बेटे के साथ बच्चे की तरह  ट्रीट करती है जो कि गलत है मां को समझना चाहिए कि उसका बेटा बड़ा हो चुका है और उसे खुद फैसले लेने चाहिए ताकि वह आगे चलकर अपनी जिम्मेदारियों को अच्छे से संभाल सके और अच्छे से निभा सके |

एक दूसरे से शेयर करे अपने दिल की बातें-

शादी होने के बाद लड़की जब नए घर जाती है तो उसे वहां के रीति-रिवाज और रहन-सहन के बारे में ज्यादा कुछ मालूम नहीं होता है इस कारण लड़की थोड़ी डरी हुई होती है | वहीं दूसरी तरफ सास भी यही सोचती है कि क्या उसकी बहू उसके घर के रीति-रिवाजों के मुताबिक अपने आप को ढाल पाएगी या नहीं | ऐसे में सबसे बेहतर उपाय है होता है कि आप एक दूसरे के साथ  बेझिझक अपने मन की बातें शेयर करें जिस कारण आप दोनों को एक दूसरे के विचारों और आदतों का पता चलेगा और रिश्ते को निभाने और मजबूत बनाने में बड़ी आसानी होगी |

           आज के समय में सास और बहू के बीच में तनाव का सबसे बड़ा कारण जनरेशन गैप है  वैसे तो सास बहू के रिश्ते को निभाने और मजबूत बनाने की जिम्मेदारी दोनों ही की होती है किंतु सास कास की जिम्मेदारियां थोड़ी सी उस समय बढ़ जाती है जब एक लड़की अपने माता पिता, भाई बहन सब कुछ छोड़कर उनके घर एक विश्वास पर आ जाती है कि यहां पर वो खुश रहेगी | इसलिए सास का कर्तव्य बनता है कि वह अपनी  बहु में अपनी बेटी को देखें और जिस तरह से वह अपनी बेटी की छोटी-छोटी गलतियों को माफ करते हुए उससे हमेशा प्यार करती है उसी तरह अपनी बहू से भी अपनी बेटी की तरह प्यार करें और यही बात बहू पर भी लागू होती है कि वह अपनी सास में अपनी मां को देखें और जिस तरह से अपनी मां से हर बात बेझिझक कह सकती है वैसे ही वह हर बात बेझिझक होकर अपनी सास से कहें |  और कभी भी रिश्तेदारों के उकसाने या समझाने पर परिवार में विवाद ना करें क्योंकि 90% परिवार में विवाद रिश्तेदारों के हस्तक्षेप या उनका कहना मानने के कारण ही होते हैं इसलिए सुखी जीवन जीने के लिए एक दूसरे की गलती को माफ करते हुए आगे बढ़े |

          आज के समय में विवाह के पश्चात संबंध खराब होने और पारिवारिक विवाद बढ़ने का एक मुख्य कारण यह भी है कि शादी होने के पश्चात भी मां अपनी बेटी को ससुराल में कैसे रहना है, किस तरह से अपनी सास और बाकी परिवार वालों से बात करना है और उनके साथ किस तरह व्यवहार करना है ऐसा निर्देश देती रहती है, जो कि वैवाहिक संबंध विच्छेद होने का सबसे प्रमुख कारण है | इसलिए अपनी बेटी को शादी होने के पश्चात समझाएं कि अब वही उसका घर है और उसके साथ ही अब उसकी मां है बेटी को उसके ससुराल के प्रति नकारात्मक विचार ना दे |

धन्यवाद

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