December 13, 2018

बच्चों को पढ़ाने का सही तरीका

बच्चों को पढ़ाने का सही तरीका for gharelu paramarsh

बच्चों को पढ़ाने का सही तरीका

बच्चों को पढ़ाने का सही तरीका:- किसी भी माता-पिता के लिए सबसे मुश्किल काम होता है अपने बच्चों को पढ़ाना | दुनिया के हर माता-पिता की यह सबसे बड़ी इच्छा होती है कि उनका बच्चा अच्छे से पढ़ लिखकर एक बड़ा आदमी बन जाए | इसके लिए वह अपने बच्चों को अच्छे से अच्छे स्कूलों में एडमिशन करवाते हैं | स्कूलों में टीचर भी बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए काफी मेहनत करते हैं क्योंकि बच्चों के अच्छे रिजल्ट से ही शिक्षकों की परफॉर्मेंस को आंका जाता है | बच्चे स्कूल में तो टीचर के सामने दूसरे बच्चों के साथ मिलकर काफी कुछ पढ़ लेते हैं और सीख लेते हैं | किंतु वह स्कूल में केवल 4 से 5 घंटे ही रहते हैं | जिसके कारण बच्चों को अच्छी शिक्षा देने की जिम्मेदारी अध्यापक से ज्यादा मां बाप के ऊपर आ जाती है |

          अक्सर आपने यह सुना ही होगा कि बच्चे की पहली पाठशाला उसका घर होता है लेकिन बच्चों को पढ़ाना और सिखाना मां-बाप के लिए किसी कठिन लक्ष्य से कम नहीं रह गया है | अधिकतर आपने माता-पिता को शिकायत करते हुए सुना होगा कि उनका बच्चा ठीक ढंग से पढ़ाई नहीं करता है और उसका मन पढ़ाई में नहीं लगता है | अधिकतर माता-पिता को यह पता ही नहीं होता है कि उन्हें अपने बच्चे को पढ़ाने का सही तरीका क्या है | आमतौर पर उन्हें लगता है कि बच्चे को डरा देने से डांटने से या मारने से बच्चा पढ़ने लगेगा, किंतु यह जानना बहुत जरूरी है कि क्या यह बच्चे को पढ़ाने का सही तरीका है | डाटने या मारने से बच्चे का मन पढ़ाई से दूर भागने लगता है | डाटने या मारने से यदि एक बार बच्चे के मन से आपकी डांट या मार का डर निकल गया तो वह आपकी इज्जत करना और आपकी बात मानना छोड़ देगा | इसलिए आपको सबसे पहले यह जानना जरुरी है की बच्चो को पढ़ाने का सही तरीका क्या है | और बच्चे को पढ़ाते समय आपको किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए |

बच्चे की बातो को ध्यान से सुने:

  यदि आपके बच्चे के मन में कुछ शंका या वह आपको कुछ बताना चाहता है या आपसे कोई प्रश्न पूछता है तो उसकी बातो को ध्यान से सुने और उसे तार्किक व सही जवाब देने की कोशिश करे | बच्चो की बातो को कभी भी अनसुना न करे

बच्चे को डटें या मारे नहीं:

  यदि आपको लगता है की आपका बच्चा आपके मारने या आपके डाँटने से अच्छे से पढ़ने लगेगा तो यह आपकी ग़लतफ़हमी है | मारने से बच्चे के मन में पढ़ाई के प्रति और अधिक रोष पैदा होगा | जिसके कारण उसे जितना आता है वह भी वो भूल जायेगा | कुछ पेरेंट्स आपने बच्चो को डराते-धमकाते है की यदि वह पढ़ाई नहीं करेगा तो उसे कमरे में बंद कर देंगे या उसे खाना नहीं देंगे या फिर उसे खेलने नहीं जाने देंगे | इस तरह की बातो का बच्चे के कोमल मन पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा |

बच्चे को किसी और के सामने नहीं डांटे:

    बच्चे को कभी भी उसके दोस्तों या अपने रिश्तेदारों के सामने या घर पर आये हुए मेहमानो के सामने नहीं डाँटना चाहिए | इसका बच्चे के मस्तिष्क पर बुरा प्रभाव पड़ता है और वह अपमानित महसूस करता है | जिसके फलस्वरुप बच्चे का मनोबल गिरता है और  बच्चे का मन पढ़ाई में नहीं लगता है |

चित्रों वाली किताब के माध्यम से पढ़ाये:

    यदि आपका बच्चा बहुत छोटा है तो आप उसे चित्रों वाली किताब के माध्यम से पढ़ाए | सुनने से ज्यादा देखि हुई चीजे मस्तिष्क पर ज्यादा प्रभाव डालती है | इसलिए आपका बच्चा जब किताबो में बने हुए चित्रों को देखेगा तो उसके मन में पढ़ाई  के प्रति रूचि उत्पन्न होगी | और वह चित्रों के माध्यम से चीजों को समझने की कोशिश करेगा |

खिलौनों के माध्यम से पढ़ाये:

   आजकल बाजार में छोटे बच्चो को पढ़ाने के उद्देश्य से कई प्रकार के खिलोने भी मिलने लगे है | जैसे बोलने वाले खिलोने, 3D अल्फाबेट्स,कई तरह के रंग बिरंगे चित्रों वाले चार्ट्स आदि | इन सब की मदद से आप बच्चे को खेल-खेल में बहुत कुछ सीखा सकते है |

कविताओं के माध्यम से पढ़ाये:

   कविताओं वाले वीडियो की मदद से बच्चों को पढ़ाने की कोशिश करें | जैसे कि यदि आप अपने बच्चे कोनदी या पहाड़ के बारे में पढ़ाना चाहते हैं तो उसी से संबंधित कोई अच्छी सी कविता ढूंढे हो सके तो खुद बना लें और उस के माध्यम से अपने बच्चे को पढाये | इससे आपके बच्चों के मन में पढ़ाई के प्रति रूचि बढ़ेगी | जिसके कारण बच्चे हंसते गाते हुए नई-नई चीजें सीखेगा और उसकी पढ़ाई में रुचि भी बढ़ेगी |

कंप्यूटर के माध्यम से पढ़ाये:

   कंप्यूटर आजकल हर घर में होता ही है | बच्चों को कंप्यूटर के माध्यम से नई-नई चीजें सिखाने और पढ़ाने का प्रयास करें | कंप्यूटर पर कई प्रकार के गेम्स भी होते हैं जिन से बच्चा खेलते-खेलते भी पढ़ सकता है इस प्रकार के गेम्स की मदद से आप अपने बच्चे को पढ़ा सकते हैं |

बच्चों का मनोबल बढ़ाये:

    यदि बच्चा कुछ नई चीजें से सीखना चाहता है तो उसका मनोबल जरूर बढ़ाये और यदि वह उस चीज को जल्दी नहीं सीख पा रहा है तो उसके लिए उसे आप प्रोत्साहित करें | और आप उसके साथ है यह उसे एहसास कराएं आप का भरोसा जताने से बच्चे का मनोबल बढ़ेगा | और वह तेजी से उस चीज़ को सीखेगा |

इनाम देकर प्रोत्साहित करें:

   बच्चा जब भी कोई नई चीज सीखता है तो उसे इनाम देकर प्रोत्साहित करें | बच्चे इनाम या गिफ्ट पाकर खुश हो जाते हैं इससे उन्हें नई चीजों को सीखने के प्रति रुचि बढ़ती है |

बच्चे की तारीफ करें:

     बच्चे के दोस्तों, अपने रिश्तेदारों और घर पर आए हुए मेहमानों के सामने बच्चे की तारीफ करें इससे बच्चे का आप पर प्यार बढ़ेगा और विश्वास बढ़ेगा | और वह आपके द्वारा बताई गई बातों को ध्यान देगा और उन्हें अच्छे से सीखने का प्रयास करेगा |

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