October 22, 2018

जुड़वाँ बच्चे कैसे पैदा होते हैं | विस्तृत जानकारी,How twins are born

जुड़वाँ बच्चे होने का क्या कारण है for gharelu paramarsh

जुड़वाँ बच्चे कैसे पैदा होते हैं /How twins are born

जुड़वाँ बच्चे कैसे पैदा होते हैं:- यदि आप गर्भवती है या बच्चे के जन्म के बारे में प्लानिंग कर रहे है तो ये भी हो सकता है की आपको जुड़वाँ बच्चे पैदा हो | सभी के मन में संशय रहता है कि आखिर जुड़वाँ बच्चो के होने का क्या कारण होता है। इस पोस्ट के माध्यम से हम इस विषय पर बात करेंगे की आखिर जुड़वां बच्चे कैसे पैदा होते हैं और इनका क्या रहस्य है तो चलिए जानते है |

जुड़वाँ बच्चे दो प्रकार के होते है:

  • मैनोजाइगॉटिक ( MONOZYGOTIC )
  • डायजाइगॉटिक ( DIZYGOTIC )

एक दूसरे से अलग दिखाई देने वाले जुड़वाँ बच्चे डायजाइगॉटिक ( DIZYGOTIC ) होते है | और जो जुड़वाँ बच्चे जन्म के बाद से ही एक जैसे दिखाई देते है वो मैनोजाइगॉटिक ( MONOZYGOTIC ) प्रकार के होते है | जब एक अण्डे से किसी स्पर्म द्वारा फर्टिलाइज किया जाता है, लेकिन दो एम्ब्रीओ का निर्माण होता है तब मैनोजाइगॉटिक जुड़वाँ बच्चो का निर्माण होता है | इस प्रकार से जन्म लेने वाले जुड़वाँ बच्चो की अनुवांशिक संरचना एक ही होती है | जबकि डायजाइगॉटिक जुड़वाँ बच्चो का निर्माण तब होता है जब दो अलग-अलग स्पर्म दो अंडो को फर्टिलाइज करते है | जिसके कारण दो अलग दिखने वाले जुड़वाँ बच्चे पैदा होते है | और ऐसे बच्चो की अनुवांशिक संरचना भी अलग होती है |

यहाँ हम आपको कुछ ऐसे कारणों  के बारे में जानकारी दे रहे है जिनमे जुड़वाँ बच्चो के साथ आपकी गर्भधारण करने की संभावना बढ़ सकती है |

अनुवांशिक कारण –

जुड़वाँ बच्चो का जन्म लेना कई बार कारण अनुवांशिक होता है | जुड़वाँ बच्चे सब को नहीं होते है ,किन्तु हाँ  यदि आपके परिवार में पहले भी जुड़वाँ बच्चे हो चुके है तो कभी संभावना बढ़ जाती है की आपको भी जुड़वाँ बच्चे हो |और हाँ अगर आपके परिवार में भाई या बहन की जुड़वाँ संताने है तो भी जुड़वाँ बच्चो की माँ बनने की आपकी संभावना बढ़ जाती है |

माँ की आयु –

यह बात तो सभी जगह प्रचलित है की अधिक उम्र होने पर महिला को गर्भधारण में समस्या आती है | कुछ शोध में पता चला है की अधिक आयु में गर्भधारण करते समय जुड़वाँ बच्चे होने की संभावना बढ़ जाती है | क्योकि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है वैसे-वैसे फॉलिकल स्टिम्युलेटिंग हार्मोन्स के निर्माण में भी कमी आ जाती है, जो की ऐग ओवरीज को ओव्यलेशन के लिए रिलीज़ करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है | तो जैसे जैसे रिलीज होने वाले एग की संख्या बढ़ने लगती है वैसे-वैसे जुड़वाँ बच्चो के लिए गर्भधारण करने की संभावना बढ़ जाती है |

गर्भनिरोधक गोलियों के प्रयोग से-

यह बात तो सभी जानते हैं कि गर्भनिरोधक गोलियां प्रेग्नेंसी रोकने का काम करती हैं किंतु गर्भनिरोधक गोलियों के सेवन से जुड़वा बच्चे होने की संभावना बढ़ जाती है | क्योंकि जब आप गर्भनिरोधक गोलियां खाना बंद कर देती हैं तो यह हो सकता है की शुरुआत में किसी मासिक धर्म के दौरान शरीर में कई प्रकार के हारमोंस बदलाव आए | जिसके कारण इन गोलियों को खाते हुए भी आपको जुड़वा बच्चे होने की संभावनाएं बढ़ जाती है |

शरीर की ऊंचाई या वजन के कारण-

आपके शरीर की ऊंचाई और वजन भी जुड़वा बच्चों के पैदा होने में एक निर्णायक भूमिका निभाते हैं | एक शोध से पता चला है कि ऐसी महिलाएं जिनका बीएमआई 30 या इससे अधिक हो उनमें जुड़वा बच्चों को जन्म देने की संभावनाएं अधिक होती है | हालांकि ऐसी स्थिति में केवल ( फ्रेटर्नल ) एक से दिखने वाले जुड़वा बच्चे पैदा होते हैं | साथ ही इस शोध से यह भी जानकारी प्राप्त होती है कि ऊंची महिलाएं भी जुड़वा बच्चों को अधिक जन्म देती हैं |

आई वी एफ (IVF)-

आपने आई वी एफ (IVF) के बारे में काफी लोगों से सुना होगा यह आजकल काफी प्रचलन में है | ऊपर बताए गए सभी कारणों की वजह से शायद आप जुड़वा बच्चों की मां बन सकती हैं | लेकिन यदि आप इन विट्रो फर्टिलाइजेशन का ऑप्शन चुनती है तो हो सकता है कि आप जुड़वा बच्चों के साथ गर्भ धारण करें | इस प्रक्रिया में अंडा शरीर के बाहर फ़र्टिलाइज़ होता हैं और उसके बाद यूट्ररस में प्रवेश कराया जाता है यह एक सहायक प्रक्रिया है इसलिए हो सकता है कि आई वी एफ (IVF) की मदद से आपको जुड़वा बच्चे हो |

तो दोस्तों शायद इस पोस्ट के माध्यम से आपको यह समझ में आ गया होगा कि जुड़वा बच्चा कैसे पैदा होते हैं | यदि इस बारे में आपकी कोई राय है और इस विषय पर यदि आपको और अधिक जानकारी हो या हमसे पोस्ट लिखने में कोई त्रुटि हुई हो तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं |

धन्यवाद

इसे भी पढ़ें:-

छोटे बच्चों की मालिश कैसे करें, How to massage a new born baby

नवजात शिशु को नहलाने का तरीका,Tips for Bathing your new born baby

बच्चो को होने वाली आम बीमारिया और उनके इलाज

0 से 12 माह तक कैसा होना चाहिए आपके शिशु का डाइट प्लान

कमजोर और दुबले -पतले बच्चो को इन आहार के जरिये करे मोटा

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *