November 13, 2018

गर्भावस्था के शुरुआती संकेत,Early Symptoms of Pregnancy in hindi

गर्भावस्था के शुरुआती संकेत (2)

गर्भावस्था के शुरुआती संकेत

       गर्भावस्था हर महिला के जीवन का एक खूबसूरत और सुखद एहसास होता है | आज हम इस पोस्ट के माध्यम से आपको बताएंगे कि गर्भावस्था के शुरुआती संकेत,Early Symptoms of Pregnancy क्या है |

     गर्भवती महिला में मां बनने को लेकर बेहद उत्साह और बड़ी उत्सुकता होती है | जो महिला गर्भधारण करने की कोशिश कर रही है उसके लिए मासिक धर्म का न आना गर्भावस्था के लक्षण हो सकते हैं, लेकिन मासिक धर्म का मिस हो जाना गर्भावस्था के शुरुआती लक्षण हो यह जरूरी नहीं है |

     सामान्यतः सेक्स के बाद जब  महिला गर्भवती होती है तो उस समय  बहुत कम महिलाओं को किसी भी तरह के लक्षण महसूस होते हैं | क्योंकि आजकल अधिकतर महिलाओं को प्रचार के माध्यम से बाजार में उपलब्ध प्रेगनेंसी टेस्ट किट की जानकारी होती है | और वह सेक्स करने के हफ्ते भर बाद ही गर्भावस्था की जांच कर लेती है |  जैसे ही महिला गर्भ धारण करती है तो उसके हार्मोन बदलने लगते हैं | और उसके शरीर में कई अन्य बदलाव होने लगते हैं हालांकि ज्यादातर महिलाएं अपने शरीर के संकेतों को नहीं पहचान पाती है | यदि आप शरीर पर ध्यान दें तो इससे आपके लिए गर्भधारण का पता लगाना आसान होगा | तो आइए जानते हैं गर्भावस्था से जुड़े कुछ शुरुआती लक्षणों के बारे में |

गर्भावस्था के शुरुआती संकेत हो सकते हैं मासिक धर्म का बंद हो जाना-

       जिन महिलाओं का मासिक धर्म नियमित रूप से होता रहा हो और किसी महीने यह बंद हो जाए तो यह गर्भ ठहरने का संकेत है | परंतु यह पहचान पूर्णतः विश्वसनीय नहीं है क्योंकि कभी-कभी कुछ कारणों से जैसे ठंड, स्वास्थ्य का बिगड़ना तथा जलवायु के परिवर्तन से भी ऐसा संभव है |

गर्भावस्था के शुरुआती संकेत हो सकते हैं प्रातः काल जी मचलाना-

       सामान्यतः गर्भधारण के 2 से 6 हफ्ते के बीच प्रात काल उठने के पश्चात जी मचलने लगता है | उल्टियां होती है तथा भूख कम लगती है | अवस्था के शुरुआती लक्षणों में मॉर्निंग सिकनेस एक सामान्य लक्षण है विशेषज्ञों के अनुसार प्रेगनेंसी में जी मचलने की समस्या 70 से 85% महिलाओं को प्रभावित करती है | यह समस्या पूरे दिन में किसी भी समय हो सकती है | यह परेशानी गर्भावस्था के पहले या दूसरे महीने में शुरू होती है जबकि दूसरी तिमाही की शुरुवात पर यह अपने आप दूर हो जाती है कुछ महिलाएं ऐसी भी है जिनको जी मचलने की दौरान उल्टी नहीं आती है जी मिचलाने की समस्या बार-बार होने की स्थिति को ही मॉर्निंग सिकनेस कहा जाता है कुछ महिलाएं अपनी पूरी गर्भावस्था के दौरान इस तरह की  समस्या से परेशान रहती हैं |

गर्भावस्था के शुरुआती संकेत हो सकते हैं स्तनों के आकार में परिवर्तन होना

      गर्भावस्था के शुरुआती संकेत है स्तनों में बदलाव आना | इस समय महिलाओं को स्तनों में भारीपन, संवेदनशीलता और सूजन महसूस होती है | गर्भधारण के   1 सप्ताह के बाद आप अपने स्तनों में बदलाव को अनुभव कर सकती हैं | गर्भधारण के 6-8 हफ्तों के दौरान स्तनों का आकार बढ़ता है तथा इनके घेरों का रंग गहरा होने लगता है | 16 सप्ताह में  घेरों के चारों तरफ सफेद धब्बे हो जाते हैं | 12 सप्ताह से इनमें से द्रव्य पदार्थ निकलने लगता है जो पहले पीला और बाद में सफेद दूध के समान हो जाता है |

गर्भावस्था के शुरुआती संकेत हो सकते हैं पेट का बड़ा होना-

     गर्भधारण के तीसरे महीने से पेट बढ़ना आरंभ हो जाता है | गर्भ तथा गर्भाशय एक साथ बढ़कर चौथे महीने से गोला का रूप लेते हैं | छठे महीने में पेट नाभि तक बढ़ता है नवें महीने में अंतिम अवस्था तक पहुंचकर पसली के किनारे तक जा पहुंचता है |

गर्भावस्था के शुरुआती संकेत हो सकते हैं जरूरत से ज्यादा पेशाब आना

      जरूरत से ज्यादा पेशाब आना भी गर्भावस्था के शुरुआती संकेत होते हैं | पेशाब का ज्यादा आना खून और अन्य शारीरिक तरल में बढ़ोतरी के कारण होता है जोकि किडनी से संचालित होकर थैली में जमा हो जाता है | गर्भ ठहरने के बाद जैसे-जैसे समय आगे बढ़ता है पेशाब का आना भी तेज हो जाता है |

चेतावनी:

       कुछ महिलाओं को पुरे गर्भावस्था में मासिक धर्म होता है | मासिक धर्म का आना आपके गर्भवती ना होने का संकेत हमेशा नहीं होता है | अगर आपको दर्द के साथ ऐठन हो, जो एक तरफ से शुरू होकर काफी बढ़ जाता है तो यह गर्भवती होने का निशान हो सकता है |अगर ज्यादा दर्द हो तो चिकित्सक से सलाह लें |

 

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